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भाषा के विकास की अनवरत यात्रा : बोल

भाषा के विकास की अनवरत यात्रा : बोल

पेशे से आर्किटेक्ट मुम्बई की आकृति सिंह की प्रस्तुति “बोल” पहली बार पुणे में मंचित होने के लिए पूरी तरह तैयार है। एक घंटे की ये प्रस्तुति जिसका लेखन और निर्देशन आकृति सिंह ने किया है, हिंदी और इंग्लिश दोनों भाषाओं में होगी। सह लेखन शौर्य अग्रवाल का है। 17 सितंबर 2016 को शाम 7:00 बजे इसका मंचन पुणे के सुदर्शन रंगमंच पर होना है।

आकृति ने इसकी तैयारियों का एक विडियो शेयर किया किया।

ये प्रस्तुति आम तौर पर इस्तेमाल होने वाले भाषाओं और शब्दों के अनदेखे पहलुओं की पड़ताल करता है।  कहानियों और कविताओं के माध्यम से आप देखेंगे भाषा और शब्दों का विकास जो एक सतत चलने वाली प्रक्रिया है।

 

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