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मुकाम पोस्ट डेरू जिला नागौर

मुकाम पोस्ट डेरू जिला नागौर

जेकेके में खेला गया हिटलर की फंतासी पर आधारित नाटक
ग्राम डेरू में हिटलर का प्लेन गिरने से उथल-पुथल

मंच से जैसे ही पर्दा उठता है सबसे पहले दिखाई देता है दुनिया के सबसे बड़े तानाशाह एडॉल्फ हिटलर का ऑफिस। हिटलर की कुर्सी खाली है, उसके पास खड़ा है हिटलर का सहायक गोबेल्स। तभी हिटलर का प्रवेश होता है। वो जर्मन भाषा में गोबेल्स को कुछ निर्देश देता है जिसका जवाब भी गोबेल्स जर्मन में ही देता है। तभी मंच पार्श्व से घोषणा होती है कि अब इस नाटक के सभी विदेशी पात्र हिंदी में ही बातचीत करेंगे। इसके साथ ही दोनों के बीच हिंदी में बातचीत शुरू होती है। इसमें हिटलर के बात करने का अंदाज निराला है। इसमें उसे एक कॉमेडियन में रूप में पेश किया गया जो कि उसकी सनकी फितरत का भी प्रतीक है। वो कभी अजीब सी हरकतें करने लग जाता है तो कभी अपने ऑफिस की टेबल पर खड़ा होकर बोलने लग जाता है। हिटलर की यही हरकतें लोगों को खूब हंसाती रहीं।

मौका था जेकेके की ओर से शुरू हुए नाटक ‘मुकाम पोस्ट डेरू जिला नागौर’ के दो दिवसीय मंचन के पहले दिन का। जयपुर के एनएसडी ग्रेजुएट अजीत सिंह पालावत के संयोजन और पुणे के मोहित ताकलकर के निर्देशन में खेला गया यह नाटक फंतासी से उपजी कॉमेडी पर आधारित था। नाटक की शुरुआत दुनिया के सबसे बड़े तानाशाह हिटलर से होती है, जो दुनिया को युद्ध में झोंकने निकलता है। जापान की आणविक तकनीक अपने हाथ में लिए वह एरोप्लेन से निकलता है। वह खुद प्लेन को लेकर उड़ता है, मगर उसे प्लेन चलाना नहीं आता और उसका प्लेन राजस्थान के एक गांव डेहरू जिला नागौर में गिरता है।

इधर भारत में 1942 में अंग्रेजों के खिलाफ भारत छोड़ो आंदोलन चल रहा होता है। गांव के लोग इसी में लगे होते हैं और जनता को जगाने के लिए नाटक की तैयारी कर रहे होते हैं। इनके बीच अचानक हिटलर के पहुंचने से पूरे गांव में भारी उथल पुथल मच जाती है। इन्हीं सब को हास्य की जाजम पर ताकलकर ने इस अंदाज में बुना कि संपूर्ण प्रस्तुति एक बेहतरीन दस्तावेज बन गई। नाटक में कलाकारों की डायलॉग डिलीवरी और बॉडी लैंग्वेज का प्रोफेशनलिज्म देखने योग्य था, यही वजह थी कि यह दर्शकों को जोड़ने में पूरी तरह सफल रहा।

इन कलाकारों ने किया अभिनय
साहिलआहूजा, अभिषेक मुद्गल, अनुरंजन शर्मा, शुभम बागड़ी, अरविंद सिंह चारण, राजवीर सिंह पालावत, इप्शिता सिंह पालावत, अजीत सिंह पालावत और शुभम पारीक।

  • सिटी रिपोर्टर

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