Share This Post

हिमानी शिवपुरी : ऐसा नाम जिसने देखा हिंदी सिनेमा का बदलता हुआ दौर

हिमानी शिवपुरी : ऐसा नाम जिसने देखा हिंदी सिनेमा का बदलता हुआ दौर

हिमानी शिवपुरी को हाल ही में संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। मन से कलाकार हिमानी के लिए यह भावपूर्ण क्षण था जब माननीय राष्ट्रपति ने उनको इस सम्मान से विभूषित किया। इस सम्मान के साथ ही वे एक लम्बे समय बाद प्रस्तुति के लिए रंगमंच की ओर लौटीं जहाँ से उनकी कलायात्रा शुरू हुई थी। सम्‍मान के प्रत्‍युत्‍तर में उन्‍होंने अकेली शीर्षक नाटक का मंचन भी किया। अस्सी के दशक में राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय से अभिनय में स्नातक हिमानी ने अपनी पहचान स्थापित करने के लिए निरन्तर काम किया है, लम्बा संघर्ष किया है और अपने लगभग प्रत्येक किरदार को ऐसा बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी है कि वह दर्शकों की स्मृतियों से निकल न सके।

वे जिस दौर में, जिस तैयारी और परिपक्वता के साथ टेलीविजन और सिनेमा माध्यम में सक्रिय हुईं थीं, उनके लिए सबसे स्वीकार्य यही था कि वे चरित्र भूमिकाओं को स्वीकार करें और उस दायरे को अपनी क्षमताओं से विस्तृत करते हुए अपनी उपस्थिति से ऐसा बना दें कि उनके काम की चर्चा हो। यह सचमुच भावुक बात है कि अपने पति विख्यात रंगकर्मी स्वर्गीय ज्ञान शिवपुरी के साथ वे अभिनय संसार का हिस्सा बनी थीं। ज्ञान जी के अकस्मात निधन से टूटकर उन्होंने अपने आपको सम्हाला, बेटे की अच्छी परवरिश की और अपनी व्यथा-दुख को निरन्तर कर्म और सक्रियता के माध्यम से सहनीय बनाया।

हिमानी शिवपुरी की सर्जनात्मक उपस्थिति का स्मरण दूरदर्शन पर मनोहरश्याम जोशी लिखित धारावाहिक हमराही से है जिसमें देवकी भौजाई की बहुत आश्वस्त किस्म भूमिका थी जो लगभग इस धारावाहिक के केन्द्र में रही हैं। यों उन्होंने अनेक नाटकों में काम किया है, दरअसल नाटकों में उनकी उपस्थिति रेखांकित किए जाने योग्य है, वही उनकी थाती, मूल और जमीन है। सिनेमा, इस मायावी संसार में वे शायद सौ-डेढ़ सौ फिल्मों में काम कर चुकी हैं, कर रही हैं लेकिन उनके योगदान की बात करें तो वह मुँहदेखी प्रशस्ति नहीं बल्कि भावनात्मक स्वीकार्यता है।

हिमानी शिवपुरी ने कितनी फिल्मों में काम किया, यह पता करने के लिए बहुत से आसान लिंक मौजूद हैं पर उनके व्यक्तित्व, मन और स्वभाव में एक पहाड़ का एक निश्छल और उदार व्यक्तित्व के धरातल पर उनकी सराहना ज्यादा मौजूँ है। उनको मिला सम्मान उनके अवदान का प्रोत्साहक पर्याय है, आगे और भी अनेक यश उनके सृजनपथ पर होंगे, ऐसी कामना है।

  • सुनील मिश्र

Lost Password

Register