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अच्छी एक्टिंग, प्रभावी संगीत से बयां “अमृता” का जीवन

अच्छी एक्टिंग, प्रभावी संगीत से बयां “अमृता” का जीवन

शहीद भवन में मशहूर साहित्यकार अमृता प्रीतम की जीवनी पर आधारित “अमृता’ का मंचन

मशहूर साहित्यकार अमृता प्रीतम के जीवन पर आधारित नाटक “अमृता’ का मंचन हुआ। कहानी अमृता की जीवनी “रसीदी टिकट’ से ली गई है। विहान ड्रामा ग्रुप्स की 1 घंटा, 15 मिनट की यह प्रस्तुति शहीद भवन में सोमवार को हुई।

कहानी अमृता के जीवन के कई पहलुओं को छूती है। इसमें अमृता का बचपन दिखाया, जब उन्होंने विद्रोह सीखा। वहीं, इमरोज व साहिर के बीच का अनोखा रिश्ता भी दिखा। डायरेक्टर सुदीप सोहनी इसकी तैयारी के दौरान कहानी के वास्तविक किरदार 90 वर्षीय इमरोज से भी मिले थे। इस कहानी को बयां करने के लिए उनका प्रभावी तरीका दर्शकों को पसंद आया। मंच पर मौजूद तीनों किरदार श्वेता केतकर, हेमंत देओलेकर और अंकित परोचे दमदार एक्टिंग और संवादों से कहानी को आगे बढ़ाते गए। गिटार, बांसुरी के प्रभावी संगीत से दर्शक अंत तक जुड़े रहे।

“अमृता’ सुनना अच्छा अनुभव
सुदीप बताते हैं, “जब अमृता पर प्ले बनाने की बात आई, तो इमरोज साहब से मिलने गया। 90 साल के इमरोज के मुंह से अमृता का नाम सुनना अद्भुत अनुभव था। वे बोले, अमृता पर आयोजित होने वाले कार्यक्रमों के बारे में कोई मुझे पहले से नहीं बताता। आपने बताया तो बड़ी खुशी हुई।’

डायरेक्टर्स कट
आज से कुछ साल पहले जब रसीदी टिकट के बहाने अमृता जी से मिलना हुआ तो लगा कि ये मेरे ही अंदर कहीं रहती रही हैं, बरसों से। फिर तो किताबों, क़िस्सों के जरिए उनसे मुलाकात होती रही। कुछ रह गया हर बार भीतर और जब वो इस नाटक की शक्ल में आया तो लगा जैसे मैं उनसे ही बात कर रहा हूं। जब हम सब मिले और इसे करने का विचार आया, तब हमारा पहला ब्रीफ यही था कि अमृता ने हमें चुना है। मंच पर इसे कहने के लिए। ईमानदारी से कहूं तो ये नाटक हमने किया नहीं, बल्कि हमसे हो गया। इस यकीन के साथ कि वह जहां भी होंगी, इसे देख रही होंगी।

  • सिटी रिपोर्टर

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